
● मुंबई
मुंबई महानगरपालिका चुनाव में इस बार चुनावी विमर्श धर्म, जाति और बेवजह के टकराव से हटकर विकास, आधुनिक सोच और नई पीढ़ी की अपेक्षाओं पर केंद्रित होता दिखाई दे रहा है। गोरेगांव-पश्चिम के वार्ड 50 से इसी सोच के साथ शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से तन्वी राव ने चुनावी मैदान में कदम रखा है।
तन्वी राव क्षेत्र में एक परिचित और लोकप्रिय नाम हैं। वे सुप्रसिद्ध समाजसेवी और शिवसेना के उपविभागप्रमुख दिनेश राव की पुत्री हैं। पिछले चुनाव में दिनेश राव ने भाजपा उम्मीदवार दीपक ठाकुर को कड़ी चुनौती दी थी। इस बार वार्ड 50 ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होने के चलते ठाकुर परिवार चुनावी दौड़ से बाहर है और दिनेश राव ने नेतृत्व की जिम्मेदारी अपनी बेटी को सौंपी है।
सामाजिक सरोकारों से जुड़ी तन्वी राव लगातार क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब की डायरेक्टर और महिला विंग की अध्यक्ष के रूप में उन्होंने युवाओं और महिलाओं के बीच विशेष पहचान बनाई है। उनका मानना है कि मुंबई ऐसा महानगर है जो अवसर और परिश्रम दोनों को सम्मान देता है। स्थानीय अस्मिता को सुरक्षित रखते हुए जरूरतमंदों की सेवा उनकी प्राथमिकता रहेगी।
उद्धव बालासाहेब ठाकरे और राज ठाकरे की साझा रणनीति के तहत युवाओं को आगे लाने का प्रयास अब ज़मीन पर दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में तन्वी राव को नई सोच और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जा रहा है।
तन्वी राव का कहना है कि विकास की रफ्तार के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों, महिला सशक्तिकरण और वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाएगा। लिंकिंग रोड, शैक्षणिक संस्थानों, स्पोर्ट्स क्लबों, व्यावसायिक क्षेत्रों और सामान्य बस्तियों तक वार्ड 50 के मतदाता बदलाव की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
युवा जोश और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ तन्वी राव गोरेगांव में नए लक्ष्य तय करने की ओर बढ़ रही हैं, जिससे विकास और स्थानीय पहचान के बीच संतुलन की नई दिशा बनती नज़र आ रही है।
