- गोरेगांव-बांगुर नगर में श्रीराम कथा

● मुंबई
गोरेगांव पश्चिम स्थित बांगुर नगर के लक्ष्मी सरस्वती ग्राउंड पर चंद्रकांत गुप्ता एवं चमेली देवी गुप्ता के पावन संकल्प से, प्रेममूर्ति पूज्यश्री प्रेमभूषण महाराज के कृपापात्र पूज्य राजन महाराज के व्यासत्व में रामकथा सेवा समिति द्वारा आयोजित नौ दिवसीय रामकथा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया।
रामकथा के दौरान पूज्य राजन महाराज ने मिथिला के धनुषयज्ञ प्रसंग का सजीव वर्णन करते हुए कहा कि ताड़का और सुबाहु वध के पश्चात गुरु विश्वामित्र को यह पूर्ण विश्वास हो गया था कि श्रीराम साक्षात भगवान हैं। जिस प्रकार उन्होंने यज्ञ की रक्षा कर उसे सफल बनाया, उसी प्रकार वे मिथिला में धनुषयज्ञ को भी पूर्ण करेंगे। इसी विश्वास के साथ गुरु विश्वामित्र भगवान राम और लक्ष्मण को साथ लेकर बक्सर आश्रम से मिथिला के लिए प्रस्थान करते हैं।
मार्ग में पति के शाप से शापित अहल्या का, गुरु विश्वामित्र के आदेश से, भगवान श्रीराम द्वारा उद्धार किया गया। मानस के संदेश को उजागर करते हुए पूज्य राजन महाराज ने कहा कि गुरु के समक्ष कभी गुरु बनने का प्रयास नहीं करना चाहिए। हमारा आचरण सदैव मर्यादित होना चाहिए, क्योंकि जीवन में श्रेष्ठ जनों का शाप भी कल्याणकारी सिद्ध होता है। इसके पश्चात मिथिलावासियों को दर्शन देने के लिए श्रीराम, लक्ष्मण के साथ मिथिला भ्रमण पर निकलते हैं।
राजन महाराज ने नगर भ्रमण, फुलवारी प्रसंग, धनुषभंग एवं जयमाल प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और अद्भुत वर्णन किया। कथा के मध्य उन्होंने “श्री दशरथ राजकुमार, नजर तोहें लग जाएगी”, “जिनकी चर्चा है कल से नगरिया में, वही आए सखी फुलवरिया में”, “झुकि जइयो तनिक रघुवीर, लली मोरी छोटी सी”, “दुल्हा के रंग असमानी, लली के रंग बादामी” जैसे लोकप्रिय मांगलिक गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
रामकथा में उमड़े अपार जनसैलाब के बीच हरिद्वार से पधारे श्री श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर संतोषानंद महाराज, भाजपा नेता विद्या ठाकुर व जय प्रकाश ठाकुर, समाजसेवी गणेश अग्रवाल, निशा शर्मा, अशोका तिवारी, रेखा गुप्ता तथा सुधा दूबे सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भी रामकथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
