■ टाटा मुंबई मैराथन में पहली बार कोस्टल रोड का ऐतिहासिक प्रवेश

● मुंबई
इस साल टाटा मुंबई मैराथन केवल एक खेल आयोजन नहीं बल्कि शहर की बदलती पहचान का उत्सव बनने जा रही है। अपने 21वें संस्करण में मैराथन ने परंपरा की लीक तोड़ते हुए पहली बार कोस्टल रोड को रेस के नक्शे पर शामिल किया है। यह बदलाव मुंबई मैराथन के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।
वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल से सुसज्जित यह प्रतिष्ठित दौड़ रविवार, 18 जनवरी को आयोजित होगी। खास बात यह है कि इस बार कोस्टल रोड पर केवल फुल मैराथन के धावक ही नहीं बल्कि हाफ मैराथन में हिस्सा लेने वाले धावक भी समंदर के किनारे अपनी रफ्तार आजमाएंगे।
मार्च 2024 में शुरू हुआ आठ लेन का कोस्टल रोड अब मुंबई के पश्चिमी तट का नया एक्सप्रेसवे बन चुका है। यातायात को सुगम बनाने के लिए तैयार यह मार्ग अब खेल, स्वास्थ्य और शहर की जीवनशैली से भी जुड़ने जा रहा है। लहरों के साथ दौड़ते धावकों का दृश्य इस मैराथन को यादगार बनाने वाला है।

पिछले वर्ष दर्शकों की मौजूदगी और व्यवस्थाओं को लेकर आशंकाओं के चलते आयोजकों ने कोस्टल रोड को रूट से अलग रखा था। इस बार नागरिक प्रशासन और मुंबई पुलिस के साथ गहन मंथन के बाद स्थिति बदली। ट्रैफिक नियंत्रण, सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को लेकर प्रशासन ने ठोस भरोसा दिलाया, जिसके बाद आयोजकों ने ऐतिहासिक निर्णय लिया।
प्रोकेम इंटरनेशनल के संयुक्त प्रबंध निदेशक विवेक सिंह ने मुंबई पुलिस, बीएमसी, एमएसआरडीसी और महाराष्ट्र सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह सामूहिक प्रयास ही मैराथन को नई ऊंचाई तक ले जा रहा है।
भागीदारी के आंकड़े भी आयोजन के बढ़ते आकर्षण की कहानी कह रहे हैं। इस वर्ष 69,100 प्रतिभागी मैराथन से जुड़ेंगे। इनमें 65,400 से अधिक धावक सड़क पर उतरेंगे, जबकि 3,700 से ज्यादा प्रतिभागी वर्चुअल श्रेणी में दौड़ेंगे। खास तौर पर पूर्ण मैराथन के लिए 14,059 धावकों का पंजीकरण इस आयोजन को देश के सबसे बड़े रनिंग इवेंट्स में और मजबूत स्थान दिलाता है।
