- मिलेगा केवल कंफर्म टिकट

● मुंबई
उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत के बीच रेल संपर्क को नई ऊर्जा देने जा रही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन इसी महीने के अंत तक गुवाहाटी और कोलकाता के बीच शुरू होने वाला है। लंबी दूरी की यात्रा को सहज, सुरक्षित और आरामदेह बनाने की दिशा में इसे भारतीय रेलवे का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस ट्रेन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पूरी तरह समान अवसर आधारित व्यवस्था है। वंदे भारत स्लीपर में न तो वीआईपी और न ही इमरजेंसी कोटा होगा। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी किसी विशेषाधिकार के आधार पर इसमें यात्रा नहीं कर सकेंगे। रिजर्वेशन प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी रहेगी और सभी यात्रियों पर एक जैसे नियम लागू होंगे।
यात्रा के दौरान यात्रियों को स्थानीय स्वाद से भरपूर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। ट्रेन का समूचा स्टाफ यूनिफॉर्म में तैनात रहेगा, जिससे सेवा व्यवस्था अधिक अनुशासित और सुव्यवस्थित दिखाई देगी। अधिकारियों के अनुसार इस ट्रेन में भारत की विविध सांस्कृतिक झलक भी यात्रियों को अनुभव होगी।
वंदे भारत स्लीपर में केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। वेटिंग लिस्ट और आरएसी की व्यवस्था नहीं होगी, जिससे यात्रियों को सीट को लेकर किसी तरह की अनिश्चितता नहीं रहेगी। साथ ही यात्रियों को उन्नत गुणवत्ता वाला आधुनिक बेडरोल उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें कंबल भी शामिल होगा, जो सामान्य ट्रेनों की तुलना में अधिक आरामदायक होगा।
कोच संरचना के लिहाज़ से ट्रेन में थर्ड एसी के 11, सेकंड एसी के चार और फर्स्ट एसी का एक कोच शामिल होगा। कुल 823 बर्थ में से थर्ड एसी में 611, सेकंड एसी में 188 और फर्स्ट एसी में 24 बर्थ यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेंगी।
सुविधाओं की बात करें तो एर्गोनॉमिक डिज़ाइन वाली उन्नत कुशनिंग बर्थ, ऑटोमैटिक दरवाजों से युक्त वेस्टिबुल्स, बेहतर सस्पेंशन सिस्टम के कारण कम शोर वाली यात्रा, ‘कवच’ जैसी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और उन्नत साफ-सफाई व्यवस्था इसे खास बनाती है। वंदे भारत स्लीपर को भारतीय रेलवे की आधुनिक सोच और समानता आधारित सेवा मॉडल का सशक्त प्रतीक माना जा रहा है।
