
● नई दिल्ली
ईरान में लगातार गहराती अशांति के मद्देनज़र केंद्र सरकार ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी की तैयारियाँ तेज कर दी हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, निकासी के पहले जत्थे को हवाई मार्ग से भेजने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसके कल तक रवाना होने की संभावना है।
ईरान में फंसे भारतीय छात्रों के अभिभावकों ने बताया कि पहले समूह को कल सुबह आठ बजे तक पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों से पासपोर्ट सहित सभी आवश्यक दस्तावेज हाथ में रखने को कहा गया है। साथ ही यात्रियों की सूची तैयार की जा रही है और भारत व ईरान के संबंधित अधिकारियों से आवश्यक स्वीकृतियाँ जुटाई जा रही हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जमीनी हालात पर लगातार नजर रखते हुए हर संभव विकल्प पर काम किया जा रहा है, ताकि भारतीय नागरिकों की सुरक्षित और व्यवस्थित वापसी सुनिश्चित हो सके। बदलती परिस्थितियों के अनुरूप योजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। इस बीच ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे छात्रों और नागरिकों का विवरण एकत्र करना शुरू कर दिया है। हालांकि कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से संपर्क साधने में कठिनाइयाँ आ रही हैं, जिससे प्रक्रिया में समय लग रहा है।
ईरान में जारी उथल-पुथल के बीच भारतीय छात्रों की सुरक्षा और कल्याण को लेकर चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं। पिछले महीने के अंत में ईरानी मुद्रा रियाल के ऐतिहासिक रूप से कमजोर होने के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब देश के सभी 31 प्रांतों तक फैल चुके हैं। आर्थिक असंतोष से उपजे ये प्रदर्शन धीरे-धीरे राजनीतिक बदलाव की मांग में बदल गए हैं। अधिकार समूहों का दावा है कि देशव्यापी प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई में अब तक कम से कम 3,428 लोगों की जान जा चुकी है और हाल के दिनों में हालात तेजी से बिगड़े हैं।
