
● मुंबई
‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के चौथे चरण का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के मार्गदर्शन में भारत के 25 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 930 शहरों में 1600 से अधिक स्थानों पर रविवार, 22 फरवरी को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महाअभियान में लगभग 12 लाख स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।
बृहन्मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे और उरण क्षेत्र में गिरगांव चौपाटी, जुहू चौपाटी, वरली कोलीवाड़ा चौपाटी, प्रभादेवी चौपाटी, दादर चौपाटी, चैत्यभूमि चौपाटी, शिवाजी पार्क चौपाटी, माहिम रेतिबंदर, अक्सा बीच, उत्तन बीच, उरण पीरवाड़ी बीच, ठाणे खाड़ी फ्लेमिंगो क्षेत्र, वाशी मिनी सी-शोर, पाम बीच, वर्सोवा जेट्टी, माहूल जेट्टी सहित अनेक समुद्र तटों की सफाई की गई। इसके साथ ही पवई सरोवर, कसारा सरोवर, सायन तालाब, घाटला तालाब, गणेश तालाब (सागबाग), मुलुंड गणेश विसर्जन तलाव, ब्रह्माला तालाब (ठाणे), छत्रपति शिवाजी तालाब (भांडूप), रायलादेवी तालाब, भांडुपेश्वर कुंड, तुर्फेपाड़ा तालाब (ब्रह्मांड), एक्सर तालाब, डहाणूकर वाड़ी तालाब, दहिसर तालाब, चिंचोली तालाब (जुईनगर), गणपति विसर्जन तालाब (कोपरखैरणे), छत्रपति शिवाजी महाराज तालाब (घणसोली), शिवमंदिर तालाब (पनवेल), जुई गांव तालाब (मानसरोवर) और नागांव तालाब जैसे अनेक जलस्रोतों को स्वच्छ किया गया। ठाणे जिले में डोंबिवली से कसारा और भिवंडी से बदलापुर तक तथा पालघर जिले में वसई-विरार से पालघर तक विभिन्न जलस्रोतों पर सफाई अभियान चलाया गया। इस कार्य में बृहन्मुंबई महानगरपालिका के स्वच्छता विभाग ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में, बाबा हरदेव सिंह की शिक्षाओं से प्रेरित होकर इस ‘प्रोजेक्ट अमृत’ का आयोजन किया गया। यह परियोजना मानवता को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाते हुए जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के प्रति सामूहिक संकल्प का संदेश देती है।
दिल्ली में आयोजित विशेष सत्संग कार्यक्रम में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि बाबा जी की शिक्षाएँ केवल स्मरण के लिए नहीं, जीवन में उतारने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि शब्दों से नहीं, कर्मों से दी जाती है।
