
● नई दिल्ली
एक अप्रैल से आयकर से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन लागू होने जा रहे हैं, जो वित्त वर्ष 2026-27 से प्रभावी होंगे। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब कर्मचारियों को परंपरागत फॉर्म 16 के स्थान पर फॉर्म 130 जारी किया जाएगा। नियोक्ता अपने कर्मचारियों को यह नया फॉर्म देंगे, वहीं पेंशनभोगियों को भी संबंधित बैंक हर वर्ष फॉर्म 130 उपलब्ध कराएंगे।
फॉर्म 130 की संरचना भी फॉर्म 16 की तरह तीन भागों पार्ट ए, बी और सी में विभाजित होगी। पार्ट ए में नियोक्ता की विस्तृत जानकारी के साथ कर्मचारी के बैंक संबंधी विवरण शामिल होंगे। पार्ट बी में बैंक खातों में होने वाले भुगतान और हर महीने कटने वाले टीडीएस की जानकारी दर्ज रहेगी। पार्ट सी विशेष रूप से वेतनभोगियों के लिए होगा, जिसमें वेतन का पूरा ब्योरा, कर योग्य आय, छूट और कुल कर भुगतान जैसी अहम जानकारियां दी जाएंगी।
पेंशनभोगियों के लिए पार्ट सी तभी जोड़ा जाएगा, जब उनकी पेंशन आयकर के दायरे में आएगी। जिस बैंक के माध्यम से पेंशन प्राप्त हो रही है, वही बैंक फॉर्म 130 जारी करेगा। यह प्रक्रिया हर वर्ष 15 जून तक पूरी कर ली जाएगी। यदि फॉर्म 130 में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो नियोक्ता को सुधार के लिए फॉर्म 138 भरना होगा। हालांकि, आयकर रिटर्न दाखिल करते समय इस फॉर्म को संलग्न करना आवश्यक नहीं होगा।
इसके साथ ही, क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। अब क्रिप्टो बेचने वाले एक्सचेंजों को टीडीएस काटना अनिवार्य होगा, जिससे सरकार को निवेशकों की सटीक जानकारी मिल सके। आगामी वित्त वर्ष में आयकर रिटर्न भरते समय क्रिप्टो निवेश का पूरा विवरण देना भी आवश्यक होगा। टीडीएस न काटने वाले एक्सचेंजों पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
