
● मुंबई
केंद्र सरकार ने इंस्टेंट मैसेजिंग सेवाओं के लिए प्रस्तावित सिम बाइंडिंग गाइडलाइन को फिलहाल स्थगित कर दिया है। इसके चलते व्हॉट्सऐप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म बिना सक्रिय सिम के भी पहले की तरह काम करते रहेंगे और यूज़र्स को ऑटो लॉगआउट का सामना नहीं करना पड़ेगा। दूरसंचार विभाग ने तकनीकी चुनौतियों का हवाला देते हुए इस नियम की समय-सीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है।
दरअसल, यह गाइडलाइन 30 मार्च से लागू होने वाली थी, जिसके तहत मैसेजिंग ऐप्स को तभी सेवा देने की अनुमति होती, जब डिवाइस में सक्रिय सिम कार्ड मौजूद हो। साथ ही, वेब वर्जन के इस्तेमाल पर 6 घंटे के भीतर ऑटो लॉगआउट का प्रावधान भी रखा गया था। अब कंपनियों को इस व्यवस्था को लागू करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
सूत्रों के अनुसार, एप्पल सहित कुछ टेक कंपनियों ने इन नियमों को लेकर तकनीकी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उल्लेखनीय है कि दूरसंचार विभाग ने 28 नवंबर 2025 को यह दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिनका उद्देश्य साइबर सुरक्षा को और मजबूत बनाना था।
विभाग का मानना है कि कई मामलों में मैसेजिंग और कॉलिंग ऐप्स सिम हटाने के बाद भी सक्रिय रहते हैं, जिससे साइबर अपराधियों को डिजिटल ठगी का अवसर मिल जाता है। ऐसे में प्रस्तावित नियमों का मकसद इस तरह के जोखिमों को कम करना है, हालांकि फिलहाल इसे लागू करने में और समय लगेगा।
