
● मुंबई
मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर बहुप्रतीक्षित ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना अब हकीकत बनने जा रही है। लगभग 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और 1 मई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों इसका लोकार्पण किया जाएगा। हाल ही में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया।
करीब 10.5 किलोमीटर लंबी यह परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है। इसमें दो अत्याधुनिक सुरंगें, ऊंचे वायाडक्ट और टाइगर वैली के ऊपर लगभग 182 मीटर ऊंचा केबल-स्टेड ब्रिज शामिल है। 23.75 मीटर चौड़ी सुरंग को दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंगों में गिना जा रहा है। चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों, तेज हवाओं और भारी वर्षा के बीच इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।
‘मिसिंग लिंक’ के शुरू होने से घाट सेक्शन के खतरनाक मोड़ों और जाम से बड़ी राहत मिलेगी। यात्रा समय में 20 से 30 मिनट की कमी आएगी, जिससे ईंधन की बचत और प्रदूषण में भी गिरावट संभव है। उपमुख्यमंत्री शिंदे का कहना है कि इससे घाट क्षेत्र में होने वाले सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।

सबसे राहतभरी बात यह है कि इस नई सुविधा के लिए टोल दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। शुरुआती चरण में चारपहिया वाहनों और बसों को इस मार्ग पर अनुमति दी जाएगी, जिससे यातायात और अधिक सुगम होगा।
करीब 6700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना वर्ष 2019 में स्वीकृत हुई थी और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल द्वारा विकसित की गई है। इसके शुरू होने से मुंबई और पुणे के बीच दूरी लगभग 6 किलोमीटर कम हो जाएगी और एक्सप्रेसवे की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
