
● मुंबई
संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इडेन रोज़ परिसर में हिंदू महासभा द्वारा भव्य और गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात फिल्म निर्देशक मुकेश कुमार सिंह रहे, जबकि अध्यक्षता अशोक शुक्ल ने की। संघ की ओर से प्रमुख वक्ता के रूप में विधान शैतानसिंह राजपुरोहित उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया। मातृशक्ति द्वारा प्रस्तुत लेजिम नृत्य ने विशेष आकर्षण बटोरा। छात्रों ने ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ पर आधारित नाटिका के माध्यम से एकता और वैश्विक भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर बच्चों को भारत माता के चित्र और प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।
सुमी जी ने अपने मधुर स्वर में भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर किया, वहीं अपर्णा शर्मा ने दैनिक जीवन में ‘पंच परिवर्तन’ की आवश्यकता पर सारगर्भित विचार रखे। चर्चित कवि सुरेश मिश्र ने अपनी कविताओं से कार्यक्रम में हास्य और रस का रंग घोला।
अध्यक्षीय उद्बोधन में अशोक शुक्ल ने कहा कि बच्चों में संस्कारों का निर्माण माता-पिता की प्राथमिक जिम्मेदारी है और नागरिक कर्तव्यों के प्रति सजग रहना आवश्यक है। मुख्य अतिथि मुकेश कुमार सिंह ने स्वाध्याय के महत्व पर बल देते हुए कहा कि इसके बिना भारतीय संस्कृति की रक्षा संभव नहीं है।
नवघर नगर के सह कार्यवाह विधान राजपुरोहित ने संघ के अनुशासन, धैर्य और संयम को उसकी मूल शक्ति बताया। कार्यक्रम में अजित उपाध्याय और माधव पाण्डेय ने भी अपने विचार साझा किए। अंत में डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय ने कुशल संचालन के साथ कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
