
● नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने कृषि, उद्योग, एमएसएमई और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘कपास कांति मिशन’ शुरू किया जाएगा, जिस पर ₹5,659 करोड़ खर्च होंगे। यह मिशन 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगा। आधुनिक तकनीक, रिसर्च और नए फाइबर के उपयोग से सरकार 2030-31 तक 450 लाख बेल की घरेलू मांग पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इससे करीब 32 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
गन्ना किसानों के लिए भी बड़ा निर्णय लिया गया है। 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का एफआरपी तय किया गया है, जिसका कुल वित्तीय प्रभाव लगभग 1 लाख करोड़ रुपए आंका गया है। इससे किसानों की आय को स्थिरता मिलने की संभावना है। एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के लिए ईसीएलजीएस-5 योजना को आगे बढ़ाया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में, गुजरात के वडिनार में ₹1,570 करोड़ की लागत से शिप रिपेयर हब स्थापित किया जाएगा। इससे समुद्री व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही रेलवे के कई प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी गई है।
टेक्नोलॉजी क्षेत्र में, सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए नई यूनिट्स को स्वीकृति दी गई है, जिससे भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।
