
● मुंबई/आजमगढ़
ख्यातिलब्ध व्यंग्यकार एवं लेखक राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक ‘जितेन्द्र पाण्डेय: व्यक्तित्व और सृजन’ का लोकार्पण मारवाड़ी धर्मशाला, आज़मगढ़ में रविवार, 10 मई को अपराह्न 2 बजे से होगा। यह आयोजन तमसा काव्य मंच और हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी, आज़मगढ़ इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
बता दें कि राजेश विक्रांत की अब तक कुल 22 मौलिक, संपादित व अनूदित पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने मुंबई महानगर पर केंद्रित 7 महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जिनमें ‘मुंबई माफिया: एक एनसाइक्लोपीडिया’, ‘आमची मुंबई’, ‘आजादी की लड़ाई में मुंबई का योगदान’, ‘स्वातंत्र्य लढ्यातील मुंबईचे योगदान’, ‘मुंबई और हिंदी’, ‘आदिज्ञान: मुंबई का मूल निवासी कोली समुदाय (विशेषांक)’ तथा ‘आमची मुंबई-2’ शामिल हैं। इन दिनों वे एक महत्त्वपूर्ण परियोजना ‘साहित्य और मुंबई’ पर कार्य कर रहे हैं, जिसमें हिंदी, मराठी, गुजराती, अंग्रेज़ी तथा उर्दू में लिखी मुंबई पर आधारित पुस्तकों, उपन्यासों, कहानियों और कविताओं पर विशेष फोकस किया गया है। राजेश विक्रांत एक यशस्वी संपादक और स्तंभकार भी हैं।
डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय के जीवन और रचनाकर्म पर देश के प्रतिष्ठित रचनाकारों एवं संपादकों के लेख इस पुस्तक में संकलित हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. श्यामवृक्ष मौर्य करेंगे, जबकि अमरनाथ राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। पुस्तक लोकार्पण एवं परिचर्चा में सुभाषचंद्र तिवारी ‘कुंदन’ विशिष्ट अतिथि होंगे और हेमलता त्रिपाठी सम्माननीय अतिथि के रूप में आमंत्रित हैं। समारोह के मुख्य वक्ता बरुण कुमार पाण्डेय होंगे, जबकि संतोष कुमार सिंह और सौम्या पाण्डेय वक्ता के रूप में पुस्तक पर अपने विचार रखेंगे।
कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध कवि तारकेश्वर मिश्र ‘जिज्ञासु’ करेंगे। लोकार्पण, परिचर्चा एवं कवि-गोष्ठी के संबंध में उक्त जानकारी कवि लाल बहादुर चौरसिया ‘लाल’ और कवि राकेश पाण्डेय ‘सागर’ ने दी है।
