● संचालन लागत और ईंधन कीमतों में वृद्धि का हवाला; अभिभावकों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की

● मुंबई
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले ही महाराष्ट्र के लाखों अभिभावकों के लिए एक और आर्थिक झटका सामने आया है। स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन (सबोआ ) ने परिवहन शुल्क में 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। यह फैसला जून महीने से लागू कर दिया गया है, जिससे अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ना तय है।
बस ऑपरेटरों का कहना है कि बढ़ती ईंधन कीमतों और संचालन लागत में लगातार इजाफे के कारण यह कदम उठाना मजबूरी बन गया है।
एसोसिएशन के अनुसार, डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ मेंटेनेंस, ड्राइवरों के वेतन और अन्य खर्च भी काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में बिना फीस बढ़ाए सेवा जारी रखना संभव नहीं रह गया था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के सामने अपनी समस्याएं कई बार रखी गईं और राहत पैकेज या किसी तरह की सहायता की मांग की, लेकिन उन्हें कोई ठोस जवाब या मदद नहीं मिली। ऑपरेटरों का कहना है कि अगर सरकार समय पर हस्तक्षेप करती, तो अभिभावकों पर यह अतिरिक्त बोझ नहीं डालना पड़ता।
दूसरी ओर, इस फैसले से अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। पहले ही स्कूल फीस, किताबों और अन्य खर्चों से जूझ रहे परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का कारण बन गई है। कई अभिभावकों ने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की है।
