▪️ सुरक्षा चिंताओं के चलते बड़ा फैसला

- वॉशिंगटन। अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए चीन में निर्मित उन्नत रोबोटिक उपकरणों पर शिकंजा कस दिया है। इस फैसले के दायरे में अब केवल ह्यूमनॉइड रोबोट ही नहीं, बल्कि घरों में इस्तेमाल होने वाले स्मार्ट रोबोट वैक्यूम क्लीनर भी आ गए हैं। अमेरिकी संघीय संचार आयोग (एफसीसी) का कहना है कि इंटरनेट से जुड़े ऐसे उपकरण बड़ी मात्रा में डेटा एकत्र करते हैं, जिससे सुरक्षा और निगरानी संबंधी जोखिम पैदा हो सकते हैं।
नए नियमों के तहत चीन में बने नए रोबोट वैक्यूम, रोबोटिक लॉन मोवर और अन्य उन्नत स्मार्ट रोबोट के आयात पर रोक रहेगी। हालांकि जिन उत्पादों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है या जो पहले से बाजार में उपलब्ध हैं, वे इस प्रतिबंध से प्रभावित नहीं होंगे।
इस फैसले का सबसे बड़ा असर रोबोट वैक्यूम बाजार पर पड़ सकता है, क्योंकि इस क्षेत्र में रोबोरॉक, इकोवैक्स, शाओमी और नारवाल जैसे चीनी ब्रांडों का दबदबा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिबंध के बाद अमेरिकी बाजार में इन उत्पादों की उपलब्धता घट सकती है और कीमतों में बढ़ोतरी भी संभव है।
उधर, चीन ने अमेरिकी फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे अनुचित और भेदभावपूर्ण करार दिया है। बीजिंग ने चेतावनी दी है कि यदि प्रतिबंध वापस नहीं लिया गया तो वह अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। इस कदम को अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी व व्यापारिक तनाव के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
