
▪️बुजाऊ (रोमानिया)। रोमानिया के उत्तरी इलाके में एक बुजुर्ग महिला के घर के बेडरूम का दरवाजा रोकने के लिए वर्षों तक एक भारी लाल रंग का पत्थर रखा रहा। महिला को इसकी असली कीमत का अंदाजा नहीं था। यहां तक कि जब चोर उसके घर में घुसे तो वे सोने के आभूषण ले गए, लेकिन इस भारी पत्थर को वहीं छोड़ गए।
महिला की 1991 में मृत्यु के बाद एक रिश्तेदार को इस पत्थर पर संदेह हुआ। जांच में पता चला कि यह सामान्य नदी का पत्थर नहीं, बल्कि करीब 3.5 किलोग्राम वजन का एम्बर यानी जीवाश्मीकृत पेड़ की राल है। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी उम्र 3.85 करोड़ से 7 करोड़ वर्ष के बीच हो सकती है।
महिला को यह पत्थर रोमानिया के बुज़ाउ काउंटी के कोल्त्सी गांव के पास एक जलधारा से मिला था। यह इलाका कार्पेथियन पर्वत की तलहटी में स्थित है, जहां प्राकृतिक कटाव के कारण जमीन से कच्चे एम्बर के भंडार सामने आते रहते हैं।
रोमानियाई अधिकारियों ने पत्थर को अपने कब्जे में लेकर पोलैंड के क्राको स्थित इतिहास संग्रहालय के विशेषज्ञों से इसकी जांच कराई। विशेषज्ञों ने इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि की। 3.5 किलोग्राम वजन वाला यह नमूना अब तक मिले बड़े और सुरक्षित एम्बर टुकड़ों में शामिल है।
खबरों में इसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख यूरो बताई जाती है। हालांकि संग्रहालय के निदेशक डेनियल कोस्टाचे के अनुसार बाजार में इसकी कीमत का अनुमान लगाया गया है, लेकिन इसका वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व अमूल्य है। इसे अब बुज़ाउ काउंटी संग्रहालय में राष्ट्रीय धरोहर के रूप में सुरक्षित रखा गया है।
एम्बर लाखों वर्षों में प्राचीन पेड़ों से निकली चिपचिपी राल के दबने और रासायनिक रूप से कठोर होने से बनता है। इसमें उस दौर के कीड़े, पौधों के अवशेष और हवा के बुलबुले तक सुरक्षित रह सकते हैं। रोमानिया के इस क्षेत्र का एम्बर गहरे लाल, भूरे और लगभग काले रंग के लिए जाना जाता है।
