- किसानों की बेटियों के विवाह में मदद करेगी शिवसेना
- उप मुख्यमंत्री शिंदे का संतों से वादा

▪️ नासिक। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राजसत्ता से धर्मसत्ता श्रेष्ठ है और संतों के चरणों में नतमस्तक होकर शासन चलाना ही उनके संस्कार हैं। त्र्यंबकेश्वर में आयोजित संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों, किसानों की सहायता और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर कई घोषणाएं कीं।
शिंदे ने कहा कि संत ज्ञानेश्वर, संत नामदेव, संत एकनाथ, संत तुकाराम और समर्थ रामदास की परंपरा ने महाराष्ट्र को मानवता, समानता और समाजसेवा का संदेश दिया है। संत तुकाराम के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा करना ही सच्चा धर्म है। उन्होंने यह भी कहा कि बालासाहेब ठाकरे और धर्मवीर आनंद दिघे ने उन्हें राजनीति को समाजसेवा, राष्ट्रसेवा और राष्ट्ररक्षा का माध्यम बनाने की सीख दी।

शिंदे ने घोषणा की कि सूखे से परेशान किसानों की बेटियों के विवाह में शिवसेना सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ कुंभ के कार्यों से प्रभावित परिवारों को पक्के मकान देकर उनका पुनर्वास किया जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। व्यापारियों, दुकानदारों और किसानों को नुकसान होने पर मुआवजा देने का भी भरोसा दिलाया।
उन्होंने बताया कि 13 अखाड़ों के साधु-संतों और महंतों के भोजन की व्यवस्था शिवसेना की ओर से की जाएगी। कुंभ को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यटन, व्यापार, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला अवसर बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इसे सफल बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करेगी।

शिंदे ने साधुग्राम के भूमि अधिग्रहण से जुड़ी शिकायतों का समाधान करने, त्र्यंबकेश्वर स्टेडियम के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और नगर परिषद के प्रशासनिक भवन के लिए आवश्यक धन उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। सम्मेलन में अनेक महामंडलेश्वर, संत-महंत, मंत्री दादा भुसे, विधायक सुहास कांदे और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
