
मुंबई ।
सोमवार 22 दिसंबर 2025 को मुंबई भाषा परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में युवा कवि उमेश चव्हाण द्वारा लिखित ‘अर्घ्य’ मराठी काव्य संग्रह का विमोचन प्रवीण देशमुख, मनोहर मंडवाले, अलका पाण्डेय, डॉ.सुलभा कोरे, पवन तिवारी और रामकुमार के हाथों प्रेस क्लब,मुंबई के सभागार में संपन्न हुआ।
युवा कवयित्री पल्लवी रानी ने कार्यक्रम का संचालन व संस्था के सचिव रामकुमार द्वारा लेखक का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर हरिद्वार से पधारे हुए ब्रह्मयोगी विकेश जी महाराज का सम्मान रचनाकार उमेश चव्हाण और रामकुमार ने किया। कार्यकम के अंत में मराठी एवं हिंदी कवियों ने अपनी कविताओं की प्रस्तुति दी।
पुस्तक की प्रशंसा करते हुए प्रवीण देशमुख ने कहा कि लेखक के पास भाव और शब्द का भंडार है। सुलभा कोरे ने इसे प्रकृति और शिव के करीब कहा। मनोहर जी ने पूरी पुस्तक पर चर्चा करते हुए कुछ कविताओं का पाठ भी किया। अलका पाण्डेय इस पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि इसे हिंदी भाषा में भी आना चाहिए। पवन तिवारी ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि यह पुस्तक पूजनीय लोगों के प्रति आभार ज्ञापित करने का माध्यम है। रामकुमार ने कहा कि यह संग्रह भाषा, भाव और प्रकृति की अभिव्यक्ति है ।
इस मौके पर नंदा कोकाटे, कविता चव्हाण, प्रज्वल वागदरी, सूर्यकांत शुक्ल, राजहंस, वीणा, गंगाधर जाधव, अविनाश,लक्ष्मीकांत,रामस्वरूप साहू, त्रिलोचन अरोरा, नीलिमा पांडेय, डॉ महिमा त्रिपाठी, तबीस रामपुरी, ओमप्रकाश पाण्डेय, अनिल, सरोज, कुसुम, विमला प्रज्ञा, लेखपाल,नंदलाल क्षितिज, सहित कला, साहित्य, संस्कृति से जुड़े तमाम लोग उपस्थित थे।
