- पश्चिम रेलवे की बड़ी उपलब्धि

● मुंबई।
मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क को और सशक्त बनाते हुए पश्चिम रेलवे ने कांदिवली से बोरीवली के बीच 3.210 किलोमीटर लंबी छठी रेल लाइन का संचालन प्रारंभ कर दिया है। यह महत्वपूर्ण अवसंरचना कार्य 18 जनवरी 2026 को पश्चिम सर्कल के आयुक्त रेल सुरक्षा द्वारा किए गए सफल निरीक्षण के बाद औपचारिक रूप से कमीशन किया गया।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि आयुक्त रेल सुरक्षा ई. श्रीनिवास ने नई लाइन का विस्तृत निरीक्षण करने के साथ स्पीड ट्रायल भी किए। सभी तकनीकी मानकों पर संतोषजनक पाए जाने के बाद इस खंड को नियमित ट्रेन संचालन के लिए मंजूरी दे दी गई।
यह नया खंड बांद्रा टर्मिनस से बोरीवली तक प्रस्तावित फेज-1 परियोजना का अंतिम चरण है। इससे पूर्व खार रोड–गोरेगांव खंड नवंबर 2023 में और गोरेगांव–कांदिवली खंड अक्तूबर 2024 में चालू किया जा चुका है। अंतिम चरण का कार्य 18 दिसंबर 2025 से 17 जनवरी 2026 के बीच निर्धारित 30 दिनों में पूरा किया गया, जो पश्चिम रेलवे की सुव्यवस्थित योजना, चौबीसों घंटे कार्य निष्पादन और प्रभावी विभागीय समन्वय को दर्शाता है।
परियोजना के अंतर्गत पटरी का पुनर्संरेखण, पुलों का सुदृढ़ीकरण, अत्याधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली का समावेश, विद्युतीकरण और भूमि अधिग्रहण जैसे अनेक जटिल कार्य किए गए। यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए अधिकांश कार्य रात्रिकालीन ब्लॉकों में संपन्न किए गए।
विनीत अभिषेक के अनुसार छठी लाइन के चालू होने से उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेनों का बेहतर पृथक्करण संभव होगा। इससे परिचालन दबाव घटेगा, भीड़ में कमी आएगी और समयपालन में सुधार होगा। साथ ही रखरखाव ब्लॉकों और व्यस्त समय में परिचालन क्षमता व लचीलापन बढ़ेगा, जिससे यात्रियों को अधिक भरोसेमंद सेवाएं मिलेंगी।
निर्धारित समय-सीमा में इस अहम परियोजना का पूरा होना पश्चिम रेलवे की इंजीनियरिंग दक्षता, अनुशासित परियोजना प्रबंधन और यात्री-केंद्रित विकास दृष्टिकोण का प्रमाण है। इससे ट्रेन संचालन की गुणवत्ता और उपनगरीय यात्रियों के सफर का अनुभव दोनों बेहतर होंगे।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि पश्चिम रेलवे भविष्य में भी अवसंरचना विस्तार, आधुनिक सुरक्षा तकनीकों के उपयोग और प्रभावी यात्री सेवाओं के माध्यम से मुंबई की शहरी परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
