■ आपकी जेब पर होगा सीधा असर

● नई दिल्ली
नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल 2026 से कई अहम प्रावधान लागू होने जा रहे हैं, जिनकी घोषणा बजट 2026 में की गई थी। इन बदलावों का असर आम नागरिकों, नौकरीपेशा वर्ग, छोटे कारोबारियों और निवेशकों तक पर दिखाई देगा। कुछ नियमों में राहत दी गई है तो कुछ में सख्ती बढ़ाई गई है।
● पैन कार्ड
पैन कार्ड से जुड़े नियमों में आंशिक ढील दी गई है। अब बैंक या डाकघर में सालभर में 10 लाख रुपये तक की नकद जमा या निकासी पर पैन विवरण देना अनिवार्य नहीं रहेगा। इसी तरह 5 लाख रुपये तक की कार या बाइक खरीदने तथा 20 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद-फरोख्त में भी पैन देना आवश्यक नहीं होगा। होटल, रेस्टोरेंट या किसी समारोह में एक लाख रुपये तक के खर्च पर भी पैन की बाध्यता समाप्त कर दी गई है।
● आयकर रिटर्न
आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा में भी बदलाव किया गया है। जिन कारोबारियों या पेशेवरों को ऑडिट की आवश्यकता नहीं होती, वे अब 31 जुलाई के स्थान पर 31 अगस्त तक रिटर्न भर सकेंगे। हालांकि वेतनभोगी वर्ग और आईटीआर-1 तथा आईटीआर-2 भरने वालों के लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई ही रहेगी।
● बीमा पॉलिसी
बीमा पॉलिसी खरीदने के नियम सख्त किए गए हैं। एक अप्रैल से किसी भी प्रकार की बीमा पॉलिसी लेते समय पैन देना अनिवार्य होगा। वहीं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से मिलने वाले मुआवजे के ब्याज पर कर नहीं लगेगा।
● बच्चों की शिक्षा
बच्चों की शिक्षा से जुड़ी कर छूट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। शिक्षा भत्ता अब 100 रुपये से बढ़कर 3,000 रुपये प्रति माह हो जाएगा और हॉस्टल भत्ता 300 रुपये से बढ़कर 9,000 रुपये प्रतिमाह प्रति बच्चे के लिए मान्य होगा, यह सुविधा अधिकतम दो बच्चों तक सीमित रहेगी।
● शेयर बाजार
शेयर बाजार में लेनदेन महंगा होगा। फ्यूचर ट्रेडिंग पर एसएसटी 0.02 प्रतिशत से बढ़कर 0.05 प्रतिशत तथा ऑप्शन प्रीमियम पर 0.10 प्रतिशत से बढ़कर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है। ऑप्शन एक्सरसाइज पर भी 0.15 प्रतिशत एसएसटी लागू होगा।
इन परिवर्तनों को देखते हुए नागरिकों को अपने वित्तीय दस्तावेज समय रहते व्यवस्थित कर लेने चाहिए, ताकि नए नियमों के अनुरूप वे लाभ उठा सकें और अनावश्यक असुविधा से बचें।
