■ QR और ऐप क्लिक से होगा पेमेंट

● मुंबई
डिजिटल लेन-देन की दुनिया में बड़ा बदलाव सामने आया है। देश में यूपीआई प्रणाली का संचालन करने वाली संस्था National Payments Corporation of India (एनपीसीआई) ने भुगतान प्रक्रिया को और सुरक्षित व सरल बनाने के लिए अहम कदम उठाया है। अब ज्यादातर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर UPI ID या मोबाइल नंबर मैन्युअल रूप से दर्ज कर भुगतान करने की सुविधा बंद की जा रही है।
अब तक जब उपभोक्ता किसी वेबसाइट या ऐप पर भुगतान करते थे, तो वे अपनी UPI ID या मोबाइल नंबर दर्ज करते थे। इस प्रक्रिया को ‘UPI Collect’ कहा जाता था। इसमें भुगतान लेने वाला प्लेटफॉर्म यूजर के पेमेंट ऐप पर एक रिक्वेस्ट भेजता था, जिसे यूज़र पिन डालकर स्वीकृत करता था। चूंकि पहल प्लेटफॉर्म की ओर से होती थी, इसलिए इसे कलेक्ट सिस्टम कहा गया।
नए बदलाव के बाद यह प्रक्रिया अधिक प्रत्यक्ष और सुरक्षित हो जाएगी। 28 फरवरी 2026 से अधिकांश स्थानों पर उपभोक्ताओं को सीधे अपने पसंदीदा UPI ऐप के आइकन पर क्लिक करने या QR कोड स्कैन करने का विकल्प मिलेगा। जैसे ही कोई व्यक्ति ऐप के आइकन पर क्लिक करेगा, उसके मोबाइल में संबंधित पेमेंट ऐप स्वतः खुल जाएगा और वह वहीं से भुगतान पूरा कर सकेगा। यदि QR कोड का विकल्प चुना जाता है, तो स्क्रीन पर कोड प्रदर्शित होगा जिसे स्कैन कर तुरंत भुगतान किया जा सकेगा।
इस बदलाव का उद्देश्य फर्जी रिक्वेस्ट, गलत UPI ID टाइप करने जैसी त्रुटियों और साइबर धोखाधड़ी की आशंकाओं को कम करना है। नई व्यवस्था न केवल प्रक्रिया को तेज बनाएगी, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत करेगी। डिजिटल भारत की दिशा में यह कदम भुगतान प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की पहल माना जा रहा है।
