
● नासिक
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर की त्रिशताब्दी जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र में जलसंरक्षण को नई दिशा देने की पहल हुई। जलसंपदा विभाग द्वारा आयोजित ‘गोदा से नर्मदा’ जलयात्रा का शुभारंभ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने श्री क्षेत्र त्र्यंबकेश्वर से किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नदी जोड़ परियोजना के जरिए राज्य को सूखा मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि गोदावरी नदी को स्वच्छ, अविरल और जीवनदायिनी बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
फडणवीस ने इस जलयात्रा को केवल धार्मिक आयोजन मानने से आगे बढ़कर एक व्यापक सामाजिक पहल बताया। उनके अनुसार, यह यात्रा अहिल्यादेवी होलकर के “विचार, विरासत और विकास” के त्रिसूत्री दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। उन्होंने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि वेदों में नदियों को मातृस्वरूप माना गया है और हमारी संस्कृति में उनका पूजन देवी के रूप में होता है।
कार्यक्रम में मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने गोदावरी और नर्मदा के सांस्कृतिक एवं जल संबंध को “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना से जोड़ा। वहीं युवराज यशवंतराव होलकर ने अहिल्यादेवी की पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणाली ‘फड पद्धति’ को आधुनिक कृषि से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस जलयात्रा का उद्देश्य जलसंरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जनभागीदारी को सशक्त करना और सतत जल प्रबंधन की अवधारणा को व्यवहार में उतारना है।
