■ एआई से रोजगार और निवेश बढ़ेगा
■ हरित योजना और शिक्षा में राहत पर फोकस

● मुंबई
महाराष्ट्र सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों ने राज्य की विकास यात्रा को नई गति देने का संकेत दिया है। तकनीक, शिक्षा, सामाजिक न्याय और पर्यावरण जैसे अहम क्षेत्रों में लिए गए ये फैसले दूरगामी प्रभाव छोड़ने वाले माने जा रहे हैं।
सबसे प्रमुख निर्णय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति 2026 को मंजूरी देना रहा। इस पहल के तहत राज्य में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक निवेश आने की संभावना जताई गई है, जिससे लगभग डेढ़ लाख रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं। साथ ही, संतुलित क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए 6 एआई उत्कृष्टता केंद्र और 5 एआई इनोवेशन सिटी स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
सामाजिक न्याय के मोर्चे पर भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम पर लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस में स्थायी चेयर स्थापित की जाएगी, जिसके माध्यम से शोधार्थियों, विशेषकर पीएचडी छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ मिल सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार ने ‘हरित महाराष्ट्र आयोग’ के गठन का निर्णय लिया है। इसके साथ ही राज्यभर में 300 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य तय किया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में ‘मागेस्टिक’ योजना लागू करने की दिशा में भी प्रगति हुई है, जिसके लिए विश्व बैंक से कर्ज लेने की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है।
शिक्षा क्षेत्र में दिव्यांग छात्रों को राहत देते हुए उनकी छात्रवृत्ति में 12 वर्ष बाद वृद्धि की गई है, जिससे फीस, प्रवेश और अन्य शैक्षणिक खर्चों में उन्हें सहायता मिलेगी।
अन्य फैसलों में रत्नागिरी में केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध कराना और आदिवासी आश्रमशालाओं के गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए सेवा प्रगति योजना लागू करना शामिल है।
इन निर्णयों को राज्य के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में एक ठोस पहल के रूप में देखा जा रहा है।
