धर्मसूर्य

■ सूर्यकांत उपाध्याय मनुष्य को यह शंका नहीं करनी चाहिए कि मेरा पाप कम था, पर दंड...
■ सूर्यकांत उपाध्याय एक भिखारी प्रतिदिन एक ही दरवाज़े पर जाकर भीख माँगता था। जैसे ही वह...
■ सूर्यकांत उपाध्याय एक राजा ने घोषणा की कि जो कोई भी चित्रकार उसे एक ऐसा चित्र...
■ सूर्यकांत उपाध्याय जीवन में रिश्तों की असली कीमत तब समझ में आती है, जब समय कठिन...